Posts

Featured post

घोस्ट सॉन्ग

घोस्ट सॉन्ग घोस्ट सॉन्ग कविता इंतकाल के बाद के दर्द को बयां करती हुई अपने आप में अनूठा है। इस घोस्ट सॉन्ग में समाहित भावनाओं को अपने कमेंट में लिखें और मिलती जुलती कविता भी कमेंट बॉक्स में डालें। चुनी हुई कविताएं पुरस्कृत की जाएगी।
लाख मुद्दत के इंतजार के बाद।
तुम अब आये मेरे इंतकाल के बाद।।

शब्द ज़िंदा है मेरे, मेरी वादियों में अबतक।
नाम बस तेरा है, हर अल्फाज के बाद।।
लाख मुद्दत के इंतजार के बाद।
तुम अब आये मेरे इंतकाल के बाद।।

निगाह भर के जरा देख, दरो-दीवार का आलम।
क्या फिर सजेगी महफ़िल यहाँ शाम के बाद।।
लाख मुद्दत के इंतजार के बाद।
तुम अब आये मेरे इंतकाल के बाद।।

सुबह की धुप सुनहरी, यहाँ कैद अब भी है।
राह गुलजार सी है, तेरे आखिरी पैगाम के बाद।।
लाख मुद्दत के इंतजार के बाद।
तुम अब आये मेरे इंतकाल के बाद।।

मैं गर तनहा न था, तो कोई साथी भी नहीं।
कहीं बेनाम सा गुम था, तेरे नाम के बाद।।
लाख मुद्दत के इंतजार के बाद।
तुम अब आये मेरे इंतकाल के बाद।।

कफ़न की चादरों में लिपटी रही सदियों इस कदर।
जैसे कोई नींद में सोया हो, हर काम के बाद।।
लाख मुद्दत के इंतजार के बाद।
तुम अब आये मेरे इंतकाल के बाद।।

क्यों गिराते हो अश्क…

नए पड़ाव

माँ का आँचल

कलम का दर्द तुम्हें आभास है क्या?

24 Interview Questions in French

Extreme Vegetarian - Facts and Myths

मृत्यु का रणघोष

When Arjuna wanted to kill Yudhisthira?

Had the Chariot of Yudhisthira Ever Touched the Ground?

शाम के बाद धुआं सा उठता है

Biggest Universal & Socking reasons of Suffering

कश्तियाँ एक एक कर समंदर में खो गए |

Medical Emergency - Most Urgent First Aid for all

Electricity & Gas Smart Meter – Benefit and Importance